India- Two days without a scam, Nation shocked #mustread #humor


Despondent Correspondent | Oct 3, 2012, 07.44AM IST, Dilnaz Boga


NEW DELHI: In a shocking development, India has gone a full 48 hourswithout a new scam being reported. There was an uproar in Parliamentover the lethargy shown by the government in the field of corruption.


The leader of the opposition in the Lok Sabha said: “India is amongthe world’s top countries in terms of scams and corruptions. However,the shocking lack of any new scam being reported in two days shows thegovernment is not serious about stealing from the poor.” She thenrushed to the well of the House screaming, “All is well”. UPA leaderscountered her with chants of “Shush, Ma! Shush, Ma!”


SP leader Mulayam Singh was heard telling both parties he’ll supportthem at all costs.


Later, TMC leader Mamata Banerjee called a press conference to condemnthis ‘shocking attempt at honesty and clean governance’. She said herparty would move a no-confidence motion against the UPA government butno one in the press conference understood her accent.


The media too unleashed a series of editorials slamming the lack ofscams. “What will we print?” was the popular question. Some newschannel anchors were seen frothing at the mouth and screaming foranswers but experts said this was normal behaviour.


Shaken by the developments, the Prime Minster addressed the nationlive and promised to tackle the situation after the go-ahead fromMadam. He first apologized for his statement: “Money does not grow ontrees.” He said: “Clearly, I was mistaken. Money does grow on trees.However, these trees are only found in the homes of people with stakesin coal mines.”


The PM promised that judicious use of the RTI Act, sting operations byTV channels and vague reports by the CAG will soon bring more scams tolight. “It is inevitable,” he said.


Meanwhile, to give citizens other things to focus on, the governmentraised the price of fuel. “I like raising the price of fuel every nowand then. It is a hobby,” said petroleum minister Jaipal Reddy.


Baba Ramdev too joined the jamboree. He started by congratulating thePM over his miracle – the discovery of speech. Addressing a pressconference in women’s clothes, which he claimed are the latestfashion, the guru told the nation to sit in front of their TVs andvigorously push their stomachs in and out in an attempt to fightcorruption.


Sources said by the time this article gets printed a new scam is boundto have come to light.


(This piece is a work of fiction intended to bring a smile to yourface. It bears no connection to events and characters in real life.)

Normal Baba, aspiring godman, raises second round of investment

New Delhi.  First Post –Normal Baba, an aspiring godman who claims to help people with his invisible “Third Arm”, has successfully received 15 crore rupees of investment from Banyan Capital, a venture capital firm funding promising godmen, tantriks, black-magicians etc.

Normal Baba, 37-year-old three times failed entrepreneur, is hopeful that he’d be fourth time lucky and turn his godmangiri into a profitable venture within a short span of one year.

“We’d recover all the cost within a few months,” claimed Normal Baba, born Nirmaljeet Singh Albela before he turned “spiritual” after he failed at three successive attempts of starting a business.

Earlier, NIrmal Baba had raised 50 lakhs through an angel investment that was used to launch website, buy video camera, get fancy furniture, and quizzing.

Third Eye of Nirmal Baba

He is Nirmal Baba, not Normal

“We’d be buying slots on all major television channels and broadcast this program called ‘Third Arm of Normal Baba’, where we’d showcase people declaring their faith in Normal Baba and ask others to send donations to get their desires fulfilled,” Baba explained his fourth foolproof business idea.

Normal Baba explained that he’d be investing all the money into recording TV shows that would show random people thanking him for solving problems related to their personal and professional lives.

“I have original solutions to offer like polishing shoes with a special butter andeating apples dipped in water from my bathtub,” Normal Baba described the “product” he’d be selling.

Baba, who has already 2000 followers on Twitter and 20,000 in the real world – people whom he referred to as “shop-floor workers” in his business plan – expects at least 150 crore rupees in donations in the first year of his business.

“This is a very conservative estimate,” Normal Baba claimed.

Apart from ‘donations’, the business plan showed crores of extra “revenues” in shape of ‘goodwill’, ‘consultancy fees’, and ‘endorsements’. Baba’s b-plan showed thee major expenses – ‘video production cost’, ‘advertising’, and ‘event management’.

Justifying the investment, Varun Bafna, the managing partner of Banyan Capital, claimed that the VC fund had full faith in Normal Baba’s ability to convince common men of his special powers.

“We expect 5000% RoI (Return on Investment)” Bafna said. When asked about the exit options that he was considering, Bafna said, “Let’s not call it ‘exit’ option; we would consider it ‘nirvana’ when we exit the business. And we could do it by selling our shares to a political party or a news channel, who could be interested in having Normal Baba as the in-house superstar.”

निर्मल बाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज


लखनऊ/ रायपुरः प्रभात खबर द्वारा लगातार किये जा रहे खुलासे के बाद टीवी चैनलों पर विज्ञापन के माध्यम से लोकप्रियता बटोरने वाले निर्मल बाबा उर्फ निर्मल जीत सिंह नरूला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. चैनलों के माध्यम से लाखों भक्तों को बेवकूफ बनाकर ठगी करने के आरोपी बाबा के खिलाफ उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ के दो अलग-अलग थानों में शिकायता दर्ज की गई है.

लखनऊ के गोमतीनगर थाने में लखनऊ निवासी तान्या ठाकुर और आदित्य ठाकुर ने निर्मल बाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जिसमें उन्होंने आम लोगों से पैसे लेकर सवाल पूछने और उल्टा-सीधा जवाब देकर धोखा करने के आरोप लगाए हैं. अर्जी में कहा गया है कि निर्मल बाबा के प्रवचन से लोग गुमराह हो रहे हैं. गोमतीनगर थाना प्रभारी मनोज मिश्रा ने बताया कि शिकायत दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाएगी. पुलिस निर्मल बाबा के साथ मीडिया की भूमिका की भी जांच करेगी.

दूसरी शिकायत छत्तीसगढ में रायपुर के डीडी नगर थाने में दर्ज कराई गई है. इसमें शिकायतकर्ता रविशंकर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष योगेन्द्र शंकर शुक्ला ने निर्मल बाबा पर पाखंडी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि “निर्मल बाबा की तीसरी आंख” कार्यक्रम में बाबा लोगों को अनर्गल उपाय बतलाकर उनके साथ धोखाधड़ी करके फीस के रूप में मोटी रकम वसूलते हैं.

टीवी चैनलों पर विज्ञापन के माध्यम से बाबा की लोकप्रियता अचानक काफी बढ़ गयी है. अगर कहें कि उनके सामने सभी बाबा पीछे छूट गये हैं, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. बाबा का असर ऐसा है कि टीवी के सामने भी कई लोग पर्स खोल कर और बोतल में पानी रख कर बैठ जाते हैं. थर्ड आइ ऑफ निर्मल बाबा नामक कार्यक्रम में बाबा कृपा पाने के जो उपाय बताते हैं, वह उन्हें संदेह के घेरे में ला देता है. वैसे बाबा का दावा है कि उनके पास दिव्य शक्ति है और वह उसी से भक्तों को कष्ट से मुक्ति दिलाते हैं.

काला पर्स रखने के बाबा के टिप्स से उसकी बिक्री काफी बढ़ गयी है. अकेले रांची में काले पर्स की बिक्री अब लगभग हर महीने 1.5 करोड़ की हो रही है, जो पहले बमुश्किल 45-50 लाख की होती थी. 10 रुपये के नये नोट की गड्डी बाहर में 12 सौ रुपये में बिकने लगी है. बैंकों में 10 रुपये की गड्डी की मांग बढ़ गयी है. मुंहमांगी कीमत पर बाबा के फोटो बिक रहे हैं.

कैसे आ सकते हैं समागम में-
पहले बुकिंग करानी पड़ती है. रजिस्ट्रेशन शुल्क दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति है. दो वर्ष के ऊपर के बच्चों का भी पूरा पैसा लगता है. पैसे या डिमांड ड्राफ्ट यस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और आइसीआइसीआइ बैंक में जमा होते हैं. निर्मल दरबार में सीधे पैसे या डिमांड ड्राफ्ट भेजने की व्यवस्था नहीं है. यह राशि नन रिफंडेबल और नन ट्रांसफरेबल है. 211, चिरंजीव टावर, 43, नेहरू पैलेस नयी दिल्ली-110019 के पते पर ओरिजनल बैंक रिसिप्ट कूरियर से भेजनी पड़ती है. लिफाफे पर यूनिक रेफरेंस नंबर लिखना पड़ता है, जो वेबसाइट से लिया जा सकता है. यह नंबर तभी संभव है,जब समागम के लिए जगह खाली हो.

समागम में हिस्सा लेने के लिए पंजाब नेशनल बैंक ने पे फी सिस्टम शुरू किया है, ताकि प्रोसेस जल्द हो. इसके लिए चालान वेबसाइट से डाउनलोड किये जा सकते हैं. इसका भी ओरिजिनल रिसिप्ट निर्मल दरबार को भेजना पड़ता है. रिसिप्ट के पीछे अपना मोबाइल नंबर और किस समागम में हिस्सा लेना चाहते हैं, उसका उल्लेख करना होता है. भक्त को एसएमएस से सूचना भेजी जाती है.

फोन से नंबर नहीं लगता- निर्मल बाबा के समागम के लिए फोन से नंबर नहीं लग सकता. न ही सीधे नंबर मिल सकता है. यह सुविधा बंद कर दी गयी है.
ऐसे मिलती है बाबा की कृपा : बाबा कहते हैं, सभी भक्तों का समागम में आना संभव नहीं है. अगर वह टीवी के सामने हैं या फिर कहीं और हैं, तो वहीं उन्हें कृपा मिलती है. सिर्फ श्रद्धा चाहिए.

समागम के दो हिस्से : किसी भी समागम के दो हिस्से होते हैं. पहले हिस्से में निर्मल बाबा भक्तों से सीधे बात करते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं. दूसरे हिस्से में बाबा भक्तों के अनुभव सुनते हैं.

कैसे होता है समापन- समागम की समाप्ति पर बाबा भक्तों से कहते हैं : आप जिस इच्छा को लेकर आये हैं, उसका ध्यान करिये. फिर कहते हैं : सभी अपने-अपने पर्स खोल लीजिये. इसके बाद बाबा आशीर्वाद देते हैं. लोगों से काला पर्स रखने और अलमारी में 10 के नोट की गड्डी रखने की सलाह देते हैं.

अगस्त तक सीट नहीं- बाबा के समागम के लिए अगस्त महीने तक सीट खाली नहीं है. लोगों को चेताया भी गया है कि अगर कोई यह कहता है कि वह बाबा के समागम में शामिल करवा सकता है, तो वह गलत है. ऐसे लोगों से सावधान रहें.

पैसे देकर सवाल करवाते थे बाबा : निधि
चर्चित ब्लाग भड़ास 4 मीडिया के मुताबिक बाबा पहले नोएडा की फिल्मसिटी स्थित एक स्टूडियो में अपने प्रोग्राम की शूटिंग करवाते थे. उस वक्त बाबा के सामने जो लोग अपनी समस्या के हल का दावा करते थे, वे असली न होकर जूनियर आर्टिस्ट हुआ करते थे.

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